Ration Card New Update: महाराष्ट्र में राशन कार्ड धारकों को सरकारी गिफ्ट, दिवाली पर 100 रुपये में मिलेगा ग्रॉसरी पैकेज सरकार देगी खाने के पैकेट, हो गया बड़ा ऐलान

Ration Card New Update: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में राशन कार्डधारकों को दिवाली के मौके पर 100 रुपये में किराने का सामान का पैकेट मुहैया कराने का ऐलान किया है। इस पैकेट में एक किलो रवा, मूंगफली, खाद्य तेल और पीली दाल होगी

Ration Card Holder: राशन कार्ड (Ration Card Update) धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. केंद्र और राज्य सरकार (State Government) की ओर से गरीबों और राशन कार्डधारकों को फ्री राशन (Free Ration) समेत कई खास सुविधाएं दी जाती हैं. इस बार दिवाली पर राज्य सरकार ने राशन कार्ड रखने वाले लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया है. अगर आप भी कार्डधारक हैं तो आपको खाने के पैकेट राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे

100 रुपये में मिलेगा खाने का पैकेट

मुंबई. महाराष्ट्र मंत्रिमंडल (Maharashtra cabinet) ने मंगलवार को राज्य में राशन कार्डधारकों को आगामी दिवाली त्योहार (Diwali Gift) के लिए 100 रुपये में किराने का सामान देने का फैसला किया. इस सौ रुपये के पैकेट में एक किलो रवा (सूजी), मूंगफली, खाद्य तेल और पीली दाल होगी. यह प्रस्ताव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा लाया गया था. मंत्रिमंडल के बयान में कहा गया है, ”राज्य में ऐसे 1.70 करोड़ परिवार या सात करोड़ लोग हैं, जिनके पास राशन कार्ड की सुविधा है. वे राज्य द्वारा संचालित राशन की दुकानों से खाद्यान्न खरीदने के पात्र हैं.’

नाश्ता और मिठाई बनाने में मिलेगी मदद

इसमें कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के मुताबिक, देश की खुदरा मुद्रास्फीति दर सात फीसदी है. इस पृष्ठभूमि में राज्य सरकार के सब्सिडी दरों पर आवश्यक वस्तुओं की पेशकश करने के फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को किराने के सामान के पैकेज का उपयोग करके दिवाली के लिए नाश्ता और मिठाई तैयार करने में मदद मिलेगी.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: सरकार ने मुफ्त राशन को लेकर किया बड़ा एलान अब 80 करोड़ लोगों को दिसंबर तक मिलेगा फ्री राशन

PMGKAY: केंद्र की मोदी सरकार ने देश की गरीब आबादी को बड़ी राहत देते हुए मुफ्त राशन देने की स्कीम को तीन महीने और बढ़ाने का फैसला लिया है। केंद्रीय कर्मियों को भी बढ़े डीए का तोहफा मिला है।

केंद्र सरकार ने देश की गरीब आबादी को बड़ी राहत देते हुए मुफ्त राशन देने की स्कीम को तीन महीने और बढ़ाने का फैसला लिया है। यह स्कीम 30 सितंबर को समाप्त होने वाली थी। इससे पहले सरकार ने स्कीम को तीन महीने यानी इस साल के अंत तक के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है। बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों को भी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में भी 4 फीसदी का इजाफा कर दिया गया है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक तीन महीने तक फ्री राशन की स्कीम को आगे बढ़ाने से खजाने पर 45,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। सरकारी सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार ने अपने पास जमा खाद्यान्न के स्टॉक की समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया है। फिलहाल सरकार के पास बड़े पैमाने पर खाद्यान्न उपलब्ध है। इससे पहले चर्चाएं थीं कि शायद मुफ्त राशन की स्कीम को अब बंद कर दिया जाएगा, लेकिन इस फैसले को राजनीतिक लिहाज से भी देखा जा रहा है।

सरकार ने बुधवार को गरीबों को मुफ्त अनाज देने की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि तीन माह यानी दिसंबर, 2022 तक बढ़ा दी है. इसपर 44,700 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

अगले तीन महीनों में गुजरात और हिमाचल में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में स्कीम को तीन महीने के लिए बढ़ाने के फैसले को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। कोरोना काल में केंद्र सरकार की ओर पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के नाम से इस स्कीम का ऐलान किया गया था। इसके तहत हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त राशन दिया जाता है।

मुफ्त राशन स्कीम का 80 करोड़ लोगों को मिल रहा मुनाफा

इस स्कीम का फायदा देश के करीब 80 करोड़ गरीब लोगों को मिल रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत इतना ही राशन सब्सिडी पर पहले से मिलता रहा है, लेकिन पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाला राशन इससे अलग है। बता दें कि कोरोना काल में लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की मदद में इस योजना को अहम माना गया था।

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आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘ऐसे समय में जब दुनिया कोविड महामारी और अन्य कारणों से उत्पन्न विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है, भारत ने आम लोगों के लिये चीजें सुलभ रखने को लेकर आवश्यक कदम उठाते हुए कमजोर वर्गों के लिये खाद्य सुरक्षा को सफलतापूर्वक बनाए रखा है.’

इसमें कहा गया है, ‘‘महामारी के दौरान लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. इसको देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) तीन महीने के लिये बढ़ाने का फैसला किया है ताकि गरीब और समाज के वंचित तबके को त्योहारों के दौरान मदद मिले और कोई समस्या नहीं हो.

PM Kisan Yojana e-KYC : सिर्फ दो दिन शेष बचे है , किसान आज ही कर लें अपने ये काम, वरना नहीं मिलेंगे 2 हजार रुपये

प्रधानमंत्री किसान योजना : सिर्फ दो दिन शेष बचे है , किसान आज ही कर लें अपने ये काम, वरना नहीं मिलेंगे 2 हजार रुपये

PM Kisan Yojana की ई-केवाईसी करवाने की आखिरी तारीख क्या है जाने

PM Kisan Yojana e-KYC: भारत सरकार द्वारा कई ऐसी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाता है, जिनका उद्धेश्य है की हर एक गरीब, शहरों से लेकर गांवों तक रहने वाले सभी लोगों तक और सभी जरूरतमंद लोगों तक ये लाभ पहुंचाना है। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार समेत कई ऐसी योजनाएं भी शामिल होती हैं, जिनमें आर्थिक सहायताभी दी जाती है। ठीक ऐसे ही किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को चलाया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को साल का 6 हजार रुपये देने का प्रावधान है। किसानों के बैंक खाते में इस पैसे को 2-2 हजार रुपये की किस्त के रूप में भेजा जाता है और अब तक इस योजना के अंतर्गत 11 किस्त जारी की जा चुकी है। वहीं, अब सभी लाभार्थियों को 12वीं किस्त का इंतजार है। ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि आपको 12वीं किस्त का लाभ मिले, तो उससे पहले आपको एक काम करवाना अनिवार्य है। तो चलिए जानते हैं इस काम के बारे मेंआप अगली स्लाइड्स में इसके बारे में जान सकते हैं…

पीएम किसान योजना की ई-केवाईसी करवाने की आखिरी तारीख क्या है

आइये जानते ये है वो काम

दरअसल, पीएम किसान योजना से जुड़े हर लाभार्थी के लिए जरूरी है कि वो ई-केवाईसी करवाए। अगर कोई लाभार्थी ऐसा नहीं करता है, तो उसके 12वीं किस्त के पैसे रुक सकते हैं। इसके अलावा आगे आने वाली योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ लेने में परेशानी आ सकती हैं। ई-केवाईसी करवाना प्रत्येक लाभार्थी के लिए बहुत जरूरी है और इसकी आखिरी तारीख 31 अगस्त 2022 है। इसमें महज अब दो दिन का समय बचा है, इसलिए आपको इसे करा लेना चाहिए।
पीएम किसान योजना की ई-केवाईसी करवाने की आखिरी तारीख क्या है इन दो तरीकों से करवा सकते हैं ई-केवाईसी
अगर आपने अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो आप अपने किसी भी नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर इसे करवा सकते हैं। इसके अलावा आप घर बैठे ऑनलाइन तरीके से भी इसे खुद ही कर सकते हैं।

पीएम किसान योजना की ई-केवाईसी करवाने की आखिरी तारीख क्या है
घर बैठे ऐसे कर सकते हैं ई-केवाईसी:-

स्टेप 1
ऑनलाइन ई-केवाईसी करवाने के लिए आपको सबसे पहले आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल https://pmkisan.gov.in/ पर जाना होता है।
फिर आपको ‘ई-केवाईसी’ के विकल्प पर क्लिक करना है

PM Garib Kalyan Anna Yojana: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2022

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PM Garib Kalyan Anna Yojana) के मियाद को आगे बढ़ाने को लेकर वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर यानि व्यय विभाग ने सरकार को आगाह किया है मोदी सरकार ने इस योजना की अवधि 31 -03 -22 से लेकर 30 सितम्बर तक बढ़ा दिया है और जायजा लगाया जा रहा है की इस साल के आखरी में गुजरात और हिमाचल प्रदेश होने वाली जो भी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर को योजना की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है लेकिन डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर ( Department Of Expenditure) इस स्कीम को और एक्सटेंड करने के पक्ष में बिलकुल नहीं है व्यय विभाग के मुताबिक अगर इस स्कीम को आगे बढ़ाया जायेगा तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे और सरकार को काफी ज्यादा वित्तीय घाटा हो सकता है

बढ़ सकता है सरकारी खजाने पर बोझ
सरकर ने मौजूद वित्त वर्ष 2022 -23 के लिए फूड्स सब्सिडी के लिए लगभग 2.07 लाख करोड़ का प्रावधान किया था तब सरकार ने गरीब कल्याण योजना की अवधि 31 मार्च 2022 तक के लिए ही थी जब की सरकार इस योजना की अवधि को 30 सितम्बर तक के लिए बढ़ा दिया तभी सरकार का फ़ूड सब्सिडी बिल में 80,000 करोड़ रुपये का इजाफा होने का अनुमान है यही देखते हुए अगर सरकार इस योजना की अवधि को 6 महीने और बढ़ा दिया जाये तो 2022-23 में सरकार को खाद्य सब्सिडी पर 3.70 लाख करोड़ रुपये खर्च करने होंगे यानि बजट अनुमान से 1.63 लाख करोड़ रुपये ज्यादा. जबकि 2021-22 में फूड सब्सिडी के मद में सरकार को 2.86 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़े थे. 0

सरकार को टेक्स घटाने और सब्सिडी खर्च बढ़ाने से बजट बिगड़ा
वित्त विभाग की चिंता और भी बढ़ गई की सरकार ने भविष्य में कोई भी टैक्स में कटौती की या प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को एक्सटेंशन दिया तो इससे सरकार बजट बिगड़ सकता है.इसलिए डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर ने योजना की अवधि को आगे न बढ़ाने का सुझाव दिया व्यय विभाग के नोट में कहा की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को एक्सटेंशन देने, खाद सब्सिडी में 1.10 लाख करोड़ रुपया का इजाफा करने पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने जिससे 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है और 200 रुपये एलपीजी सब्सिडी फिर से शुरू करने और खाने के तेल पर कस्टम ड्यूटी घटाने से सरकार के बजट पर इसका गलत प्रभाव पड़ा है.

प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण ने 2022-23 में 6.4 फीसदी राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है जैसी रेटिंग ऐजेंसी 6.8 फीसदी रोजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) रहने का अनुमान जता रही है. मई महीने के अपने मंथली इकोनॉमिक रिव्यू में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने कहा है कि रोजकोषीय घाटे के बढ़ने से चालू खाते के घाटे ( Currenct Account Deficit) के भी बढ़ने का अनुमान है. साथ ही सरकार ने गरीब कल्याण अन्न योजना को एक्सटेंड करना और खाद्य सुरक्षा ( Food Security) के लिहाज से भी उचित नहीं है.

आइये जानते है की क्या है प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

प्रधानमंत्री मोदी गरीब कल्याण अन्न योजना ये मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जो की भारत में 80 करोड़ लोगो को मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराती है. कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के दौरान लोगों को मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराने के मकसद से मोदी सरकार ये योजना लेकर आई थी. इस योजना के तहत 5 किलो मुफ्त चावल या गेंहू, 1 किलो चना 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को दिया जाता है. ये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब्सिडी पर मिलने वाले राशन के अतिरिक्त है. यानि 5 व्यक्तियों वाले एक लाभार्थी परिवार को 50 किलो अनाज दिया जाता है. जिसमें 25 किलो मुफ्त और 25 किलो में गेंहू 2 या चावव 3 रुपये के दाम पर उपलब्ध कराया जाता है.